Monday, February 8, 2016

दिल की बात

जब से देखा है मैंने तुझको यारा।
तब से बहका सा हूँ दिलदारा।
गुम सुम गुम सुम सा रहता हूँ।
हाल-ऐ-दिल सबसे कहता हूँ।
तेरी यादों में खोया खोया।
कई कई रातें मैं ना सोया।
तू क्यों लगता है सबसे प्यारा।
दिल ये बहका सा है दिलदारा।
जबसे देखा है तुझको यारा।

तेरा क्या है मुझसे नाता।
तू ही क्यों है दिल को भाता।
अपना हाल तुझे मैं बताऊँ।
तुझ संग प्यार के गीत गुनगुनाऊं।
साथ मिल जाए मुझे तुम्हारा।
जबसे देखा है तुझको यारा।
दिल ये बेहका है दिलदारा।

रातों की नींद उड़ाई है तुमने।
दिन का चैन चुराया है तुमने।
पहले तोह मेरा हाल ऐसा ना था।
अभी कुछ दिनों से जादू चलाया है तुमने।
अब तेरे बिन मुश्किल है मेरा गुज़ारा।
दिल ये बेहका सा है दिलदारा।
जबसे देखा है तुझको यारा।

अब हर जगह दिखती तू ही तू है।
हवा में भी जैसे तेरी खुशबू है।
तेरे बिना मुश्किल है अब जीना मेरा।
तूने चलाया कैसा जादू है।
दे दे मुझको थोडा सहारा।
दिल ये बेहका सा है दिलदारा।

जबसे देखा है तुमको यारा।
दिल ये बेहका है दिलदारा।

चन्द्र शेखर मनकोटिया

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